IFS मीट और वानिकी सम्मेलन का आगाज: सीएम ने कहा- जो मजा वन के साथ आता है वह कहीं और नहीं, वाक्या भी सुनाया

राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। सीएम डॉ मोहन यादव ने आईएफएस मीट और वानिकी सम्मेलन शुभारंभ किया है। उन्होंने वन विभाग के

Jan 30, 2026 - 16:05
Jan 30, 2026 - 16:17
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IFS मीट और वानिकी सम्मेलन का आगाज: सीएम ने कहा- जो मजा वन के साथ आता है वह कहीं और नहीं, वाक्या भी सुनाया

भोपाल। सीएम डॉ मोहन यादव ने आईएफएस मीट और वानिकी सम्मेलन शुभारंभ किया है। उन्होंने वन विभाग के IFS थीम गीत का विमोचन किया और लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी प्रदान किए हैं। इस दौरान प्रमुख आईएफएस अधिकारी मौजूद रहे।

राजधानी भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आईएफएस सर्विस मीट 2026 और वानिकी सम्मेलन का आगाज हुआ। सीएम डॉ मोहन ने इसका शुभांरभ किया और आईएफएस थीम गीत का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वन सेवा प्रकृति से सीधे जुड़ने का माध्यम है। हमारे जीवन में वानप्रस्थ प्रकृति के पास ले जाता है। जो मजा वन के साथ आता है वह कहीं और जाकर नहीं आता। जल से जंगल की और अफसरों की भाव को समझने की जरूरत है।

वहीं सीएम डॉ मोहन यादव ने एक वाक्या भी सुनाया। उन्होंने कहा कि बांधवगढ़ में टाइगर रिजर्व में हम अपने वाहन से चल रहे हैं। टाइगर अपने हिसाब से चल रहा है। वन अमले की बहुत बड़ी भूमिका है। जानवर के सामने जाने की बड़ी चुनौती रहती है। निडरता और निर्भरता ही दोनों तरफ है। जानवर अपनी जिंदगी की मस्ती का आनंद लेते हैं और हम अपने जीवन का आनंद लेते हैं। सबसे अच्छी ग्रोथ मध्य प्रदेश में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में है। चीता दौड़ ही रहा है, मगरमच्छ को छोड़ने का मामला बहुत ही मुश्किल रहा। जब विभाग अच्छे से काम करता है तो मगरमच्छ नर्मदा की धारा में दौड़ते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चंबल में घड़ियाल रहते हैं। जब मगरमच्छ छोड़ने की बात हो रही थी तो बहुत सारे सवाल उठे कि नर्मदा परिक्रमावासियों का क्या होगा। जल की शोभा जल जीवन से है। जंगल के अंदर टाइगर की शोभा है। आज के समय में आईएफएस अधिकारियों के साथ नीचे का अमला काम कर रहा है।

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