रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा से खिलवाड़: स्टेशन के अंदर JCB की एंट्री

अजयारविंद नामदेव, शहडोल। रेलवे स्टेशन जहां हर कदम पर सुरक्षा के सख्त नियम होने चाहिए, वहीं शहडोल के अमलाई रेलवे

Jan 30, 2026 - 16:05
Jan 30, 2026 - 16:12
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रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा से खिलवाड़: स्टेशन के अंदर JCB की एंट्री

शहडोल। रेलवे स्टेशन जहां हर कदम पर सुरक्षा के सख्त नियम होने चाहिए, वहीं शहडोल के अमलाई रेलवे स्टेशन में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बिना अनुमति प्लेटफॉर्म के भीतर भारी मशीनों की एंट्री, बिना सुरक्षा उपकरण मजदूरों से काम और रेलवे लाइन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लापरवाही, ये सब किसी बड़े हादसे की चेतावनी दे रहे हैं।

अमलाई रेलवे स्टेशन परिसर में निर्माण और मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 के बीच चल रहे कार्यों में न तो मजदूरों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है और न ही रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा है। ठेकेदार की ओर से बिना अनुमति स्टेशन के भीतर भारी वाहनों और मशीनों का प्रवेश कराकर खुलेआम कार्य कराया जा रहा है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार, अमलाई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्षेत्र में पावर ब्लॉक, पेवर ब्लॉक व फर्शीकरण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन इन कार्यों के दौरान मजदूरों को न तो सेफ्टी हेलमेट, सेफ्टी जैकेट, दस्ताने और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। रेलवे लाइन के बेहद संवेदनशील क्षेत्र में भारी मशीनों से खुदाई और निर्माण कार्य किया जा रहा है, जो रेलवे नियमों के अनुसार गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म के भीतर जेसीबी जैसे भारी वाहनों का प्रवेश बिना किसी स्पष्ट अनुमति और निगरानी के कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, रेलवे लाइन के पास मौजूद पाइपलाइन के पानी का उपयोग भी ठेकेदार की ओर से अपने कार्य में किया जा रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना घटित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि पूरे मामले में रेलवे प्रशासन की भूमिका मूकदर्शक बनी हुई नजर आ रही है। न तो संबंधित अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर रहे है और न ही ठेकेदार पर कोई कार्रवाई की जा रही है। सवाल यह उठता है कि यदि स्टेशन परिसर में कोई हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है और नियमों की अनदेखी कर रहे ठेकेदार के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं।

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